सैम आयुब ने एशिया कप 2025 के दौरान अपना पाँचवाँ ट20I शून्य रिकॉर्ड किया, जिससे वह भारत के संजू सैमसन के 2024 के समान रिकॉर्ड के बराबर हो गया। इस अनपेक्षित उपलब्धि ने पाकिस्तानी टीम के भीतर और प्रशंसकों के बीच बड़ी चर्चा पैदा कर दी है।
एशिया कप में आयुब की कठिनाई
एशिया कप के ग्रुप चरण में आयुब ने लगातार तीन मैचों में डक बना दिया। पहली गेंद पर ओमान के खिलाफ बाहर हो गया, फिर भारत के सामने भी पहली गेंद पर आउट हुआ, और यूएई के साथ टास्क में दो गेंदों के बाद बॉल से बंटा। इन परिदृश्यों ने उसकी औसत को प्रभावित किया और टीम की शुरुआती स्थिरता पर प्रश्न उठाया।
इन तीन डक्स से पहले ही आयुब ने 2025 में बांग्लादेश और अफ़गानिस्तान के खिलाफ भी शून्य स्कोर किया था, जिससे साल के अंत तक उसकी कुल डक्स की संख्या पाँच तक पहुँच गई। यह आंकड़ा पहले ही भारत के विकल्प संजू सैमसन के 2024 के रिकॉर्ड को बराबर कर चुका है, जिन्होंने समान अवधि में पाँच डक्स लगाए थे।
संजू सैमसन का रिकॉर्ड और दोनों टीमों की स्थिति
संजू सैमसन ने 2024 में अफ़गानिस्तान, श्रीलंका (दो बार) और दक्षिण अफ़्रीका (दो बार) के खिलाफ कुल पाँच ट20I डक्स किए थे। शुरुआती चरणों में ऐसी निराशा आम है, खासकर जब युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय दबाव से जूझ रहे हों।
इन व्यक्तिगत असफलताओं के बावजूद, पाकिस्तान और भारत दोनों ही एशिया कप के सुपर‑4 चरण में पहुँच चुके हैं। टीम मैनेजमेंट आयुब की फ़ॉर्म पर करीबी नज़र रखेगी, यह उम्मीद करते हुए कि वह तनाव को दूर कर टीम को मजबूत शुरुआत दे सके। भारत में सैमसन को मुख्यतः विकेट‑कीपर की भूमिका में रखना तय है, जबकि बैटिंग क्रम में उसकी जगह को लेकर अभी भी विचारधारा बनी हुई है।
खेल के आंकड़े यह दिखाते हैं कि ओपनर के रूप में नई गेंद का सामना करना और निरंतर स्कोर बनाना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। डक्स का रिकॉर्ड खिलाड़ियों को मानसिक रूप से जटिल स्थिति में डाल देता है, जहाँ उन्हें जल्दी से अपने आत्मविश्वास को पुनः स्थापित करना पड़ता है।
आयुब के मामले में विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी समायोजन और मानसिक कोचिंग से वह इस गिरावट को रोक सकता है। अगर वह अपनी शुरुआती गड़बड़ी को सुधार लेता है, तो पाकिस्तान की टॉस के बाद की टीम में काफी सुधार हो सकता है, विशेषकर जब सुपर‑4 में लगातार जीत की आवश्यकता होगी।
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लोग टिप्पणियाँ
डक बनाने वाला ओपनर? अरे भाई, ये तो बल्लेबाज़ नहीं, बल्ला फेंकने वाला है।
सैम आयुब को बस इतना समझना है कि टी20 में पहली गेंद पर बल्ला उठाना... एक ऐसी चाल है जैसे आप बारिश में बिना छत्र के बाहर निकल जाएँ... और फिर रोएँ कि भीग गया। अगर आपका बल्ला नहीं, तो आपका दिमाग ही बारिश का इंतज़ार कर रहा है।
ये तो बस एक डक नहीं... ये तो एक बारिश है जो बार-बार आ रही है 😭☔️
इस रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के लिए एक विशेषज्ञ की आवश्यकता है। यह एक सांख्यिकीय असंगति है, जो टीम के बैटिंग अनुक्रम के अंतर्निहित ढांचे की असफलता को दर्शाती है। आयुब की विफलता उसकी व्यक्तिगत कमजोरी नहीं, बल्कि एक प्रणालीगत विफलता है।
भारत के संजू सैमसन के साथ तुलना करना बेकार है। पाकिस्तान के खिलाड़ी अपनी टीम के लिए खेलते हैं, भारत के खिलाड़ी अपने बैंक बैलेंस के लिए खेलते हैं। यह रिकॉर्ड नहीं, एक शर्म की बात है।
ये सब आंकड़े तो ठीक हैं, लेकिन ये आदमी जो खेल रहा है, उसके दिल में क्या चल रहा होगा? कभी-कभी बल्ला उठाने से ज्यादा जरूरी होता है, खुद को जीतना। उसके लिए थोड़ा समय दो, वो वापस आएगा।
ये सब एक योजना है... डक बनाकर टीम को नीचे खींचने के लिए... किसी को पता है कि अगले मैच में कौन आउट होगा? 👁️🗨️
मैंने तो देखा जब वो पहली गेंद पर आउट हुआ... मेरा दिल टूट गया... मैं रो पड़ा... मैंने अपनी माँ को फोन किया... उसने कहा 'बेटा, ये तो तेरी तरह है'... मैंने बल्ला फेंक दिया... अब मैं नहीं देखूंगा क्रिकेट।
यह व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी का उल्लंघन कर रहा है। एक ओपनर का कर्तव्य है कि वह गेंद के साथ बुद्धिमानी से व्यवहार करे। उसकी निरंतर विफलता न केवल टीम के लिए नुकसानदायक है, बल्कि खेल की नैतिकता के लिए भी एक खतरा है।
इस लड़के के बल्ले में तो बस एक डक ही बसा है... जैसे कोई चिड़िया बैठी हो... बार-बार आती है, बार-बार उड़ जाती है... लेकिन ये चिड़िया अब तो डक का राजा बन गई है! 🐦👑
yrr yeh sab fake hai... yeh sab kisi ne bana diya hai... yeh toh 2025 me nahi 2020 me ho chuka hai... koi yeh sab dekhta nahi hai... 😭
क्या इस रिकॉर्ड के पीछे कोई तकनीकी कारण है जैसे बल्ले का वजन या बैटिंग स्टैंड की ऊंचाई? क्या उसकी गेंदबाजी के खिलाफ उसकी रिएक्शन टाइम कम है?
इस रिकॉर्ड को देखकर लगता है कि ये खिलाड़ी बल्ला उठाने के बजाय गेंद को देखने के लिए आया है।
मैंने एक बार एक युवा खिलाड़ी को देखा जिसने 7 डक्स लगाए थे... फिर भी वो अपनी टीम का हीरो बन गया... बस थोड़ा समय दो... ये लड़का भी अपना रास्ता बन लेगा।
यह खिलाड़ी अपने धर्म के विरुद्ध काम कर रहा है। खेल का उद्देश्य जीतना है, न कि शून्य बनाना। इस तरह का व्यवहार अनुचित है।
ये लड़का बहुत अच्छा है... बस थोड़ा समय दो... वो जरूर वापस आएगा... 💪❤️
यह रिकॉर्ड एक तकनीकी और मानसिक दोनों समस्या का प्रतिनिधित्व करता है। ओपनर के रूप में शुरुआती गेंदों के साथ निपटने के लिए एक अलग तरह की दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है, जिसमें निर्णय लेने की गति और धैर्य दोनों शामिल होते हैं। इस खिलाड़ी को अपनी रणनीति को बदलने की आवश्यकता है।
ये डक्स तो बस बाहर निकलने का नाम है... अगर तुम्हारा बल्ला नहीं उठ रहा तो तुम्हारा दिमाग भी नहीं उठ रहा है... अपनी गलती स्वीकार करो और बदलो
सब ठीक है... बस थोड़ा धैर्य रखो... ये लड़का अच्छा है... बस थोड़ा समय चाहिए
yeh sab fake hai... yeh log sirf attention ke liye aise karte hai... maine apne dost ko bhi dekha hai... yeh sab bas drama hai